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Healthy Food in Hindi - जानिए स्वस्थ आहार के फायदे?

एक स्वस्थ आहार का पालन करना मुश्किल लग सकता है, लेकिन यह एक स्वस्थ जीवन बिताने के लिए महत्वपूर्ण है। शारीरिक गतिविधि के साथ पौष्टिक और अच्छी तरह से संतुलित भोजन अच्छे स्वास्थ्य की नींव है। स्वस्थ भोजन में उच्च गुणवत्ता वाली प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, हृदय- स्वस्थ वसा, विटामिन, खनिज और पानी शामिल होते हैं। एक स्वस्थ भोजन न केवल अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, बल्कि वजन बनाए रखने, थकान को कम करने, रोगों से दूर रहने और लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करता है। इसके अलावा, आपके खाने वाले खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व आपके दैनिक जीवन की गतिविधियों का समर्थन करते हैं, अपने कोशिकाओं को पर्यावरणीय क्षति से बचाते हैं, और किसी भी सेलुलर नुकसान की मरम्मत करते हैं। वास्तव में, स्वस्थ भोजन करना मुश्किल नहीं है। बहुत से स्वस्थ खाद्य पदार्थ हैं जो स्वादिष्ट हैं, आसानी से उपलब्ध हैं और आपकी दैनिक पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यहाँ कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो आप अपने दैनिक आहार में जोड़ सकते हैं: 1. सेब:  सेब फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी में समृद्ध हैं। एंटी...

स्वस्थ भोजन की थाली

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हारवर्ड टी. एच. चैन स्कूल आॅफ़ पबलिक हेल्थ के पोषण वैज्ञानिकों, और हारवर्ड हेल्थ पबलिकेशंज़ के संपादकों द्वारा बनायी गयी स्वस्थ भोजन की थाली संतुलित, स्वस्थ भोजन तैयार करने के लिए एक गाइड है – चाहे वह थाली में परोसा जाऐ, या खाने के डब्बे में डाला जाए। इसकी प्रतिलिपि फ्रिज पर रखें, ताकी यह आपको स्वस्थ, संतुलित भोजन बनाने के लिए हर दिन याद दिलाए! फल और सबज़ियों को अपने भोजन का सबसे बड़ा हिस्सा बनायें – आधी थाली मात्राः कोशिश करें कि अनेक रंगों और कई प्रकार के फल और सब्ज़ियां खायें। और याद रखें कि स्वस्थ भोजन की थाली में आलू को सब्ज़ि नहीं माना जाता है, क्योंकि आलू को खाने से रक्त शर्करा, या ‘ब्लड ग्लूकोज़’ पर नकारात्मक असर होता है। ‘होल ग्रेन्ज़’, या साबुत अनाजों को ज़्यादातर खायें – एक चैथाई थाली मात्राः साबुत और पूर्ण अनाजों – पूर्ण गेहूॅं, जौ, बाजरा, जुवार, जै, ‘ब्राउन राइस’ या असंसाधित चावल, और इनसे बनाये गए खाद्य पदार्थ, जैसे कि पूर्ण गेहूॅं से बनाई गई रोटी – का मैदे से बनाई गई रोटी, ‘वाइट राइस’, और अन्य संसाधित अनाजों से रक्त शर्करा और इंसुलिन पर कम असर होता है। प्रोटीन की शक्...

गांधीजी का एक और ताबीज: खानपान और

बापू की जीवनी को समर्पित राजेंद्र कृष्ण लिखित ये पंक्तियाँ हमें उनके जीवन का सार समझाने की कोशिश करती हैं! गांधीजी के विषय में मेरे एक मित्र का कहना था कि ‘उस ज़माने में संचार के इतने परिपक्व माध्यम नहीं थे फिर भी गांधीजी जहाँ जाते थे एक बड़ा हुजूम उनके पीछे-पीछे चलने लगता था तो कुछ तो बात थी उनमे!” 6 सार्वजनिक जानकारियों में हम बापू को एक सत्याग्रही, अहिंसावादी, स्वछता-प्रेमी, क्रांतिकारी, लेख़क, वक्ता, आज़ादी के नायक, एवं मसीहा के तौर पर जानते होंगे लेकिन इन पहलुओं से गांधीजी के जीवन का एक कोना ही हम तक पहुँचता है. गांधीजी के सबसे बड़े बेटे हरिलाल की गांधीजी से एक न बनती थी इसलिए उन्होंने घर छोड़ दिया था. एक बार जब हरिलाल को पता चला कि कटनी से निकलने वाली ट्रैन में गांधीजी और कस्तूर-बा भी हैं तो वे वहाँ पहुँच गए. वहाँ जब हर कोई ‘महात्मा गांधी की जय’ के नारे लगा रहा था तब हरिलाल ने अचानक ‘कस्तूर-बा की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.

पूछने और समझने की

Post Pagination 1 year ago   1 year  पूछने और समझने की  1 year ago 1 year ago जिस पुरातन विरासत से भारत का मस्तक गर्व से ऊंचा होता है, गीता उनमें एक है। गीता महाभारत का हिस्सा है, जिसका इतिहास पांच हजार साल से भी अधिक पुराना है। जो दो ग्रंथ प्राचीन भारत के इतिहास कहे जाते हैं, उनमें रामायण और महाभारत का नाम है। रामायण और महाभारत सिर्फ ऐतिहासिक दस्तावेज ही नहीं है, बल्कि धर्मग्रंथ भी हैं। ये दोनों ग्रंथ केवल इतिहास ही नहीं बताते बल्कि ये हमारी आत्मा का भी ज्ञान कराते हैं। त्रेता और द्वापर में क्या हुआ, ये सिर्फ यह ही नहीं बताते बल्कि प्रत्येक मनुष्य की देह के भीतर क्या चल रहा है, इसकी भी एक तस्वीर खींचते हैं। इन दोनों में देव भाव के प्रतिनिधि श्रीराम और असुर भाव के नायक रावण के बीच हर रोज चलने वाली लड़ाई का लेखा—जोखा है। इसी धारा में कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुआ संवाद गीता भी है। गीता की शुरूआत पुत्रमोह में पड़े सर्वात्मना अंध धृतराष्ट्र ने की है। इसमें सारे उपनिषदों का समावेश है। गीता शब्...